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Chakras & Yoga

सहस्रार चक्र और मोक्ष का संबंध क्या है?

उत्तर दिया Prakhar Porwal ·

योग और वेदांत परंपराओं में सहस्रार चक्र का जागरण मोक्ष (मुक्ति) की अनुभूति का प्रत्यक्ष अनुभवात्मक पक्ष है। अद्वैत वेदांत में मोक्ष मृत्यु के बाद होने वाली घटना नहीं है — यह इसी जीवन में यह पहचानना है (जीवनमुक्ति) कि वास्तविक स्वरूप अनंत ब्रह्म है — जन्म और मृत्यु से परे शुद्ध चेतना। सहस्रार वह ऊर्जा केंद्र है जो पूर्ण रूप से जागृत होने पर इस पहचान को संभव बनाता है। जब कुंडलिनी शक्ति सहस्रार में परम शिव से मिलती है, तो व्यक्तिगत आत्मा सार्वभौमिक आत्मा के साथ अपनी एकता का प्रत्यक्ष अनुभव करती है।

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