हरिद्वार में तर्पण के लिए कौन-सी सामग्री आवश्यक है और क्या वह वहीं मिलती है?
मुख्य सामग्री सरल होती है:
- जल: पवित्र गंगा जल घाटों पर सहज उपलब्ध होता है।
- काले तिल: पितृ तर्पण के लिए अत्यंत आवश्यक।
- कुशा घास (दर्भ): अक्सर विधि के दौरान पहनी जाने वाली अंगूठी (पवित्री) बनाने में और कभी-कभी जल में रखने में उपयोग होती है।
- तांबे का पात्र (वैकल्पिक): जल रखने के लिए अक्सर उपयोग होता है, हालांकि अंजलि से सीधे अर्पण करना भी सामान्य है।
- (वैकल्पिक) चावल के दाने (अक्षत), जौ: कभी-कभी देव/ऋषि तर्पण के लिए या जल में मिलाकर उपयोग होते हैं।
हाँ, काले तिल, कुशा घास और सामान्य पात्र हरिद्वार में घाटों के पास विक्रेताओं से आसानी से खरीदे जा सकते हैं।
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