कुरुक्षेत्र में पिंड दान करने का सबसे अच्छा समय कब है?
कुरुक्षेत्र में पिंड दान वर्ष भर किया जा सकता है, लेकिन नीचे दिए गए कालखंडों का आध्यात्मिक फल विशेष माना जाता है:
पितृपक्ष (सितंबर–अक्टूबर) — पूरे भारत में पितृ विधियों के लिए यह सबसे शुभ 16-दिवसीय समय है। इस अवधि में सन्निहित सरोवर में तीर्थयात्रियों की सबसे अधिक उपस्थिति रहती है।
सूर्य ग्रहण के दिन — ग्रहणों के साथ कुरुक्षेत्र का विशेष शास्त्रीय संबंध है। महाभारत स्पष्ट कहता है कि सूर्य ग्रहण के समय कुरुक्षेत्र भूमि पर किया गया दान, श्राद्ध और तर्पण अक्षय पुण्य देता है। भारत में दिखाई देने वाले हर सूर्य ग्रहण पर लाखों यात्री ब्रह्म सरोवर और सन्निहित सरोवर में एकत्र होते हैं।
अमावस्या — विशेषकर सोमवती अमावस्या, अर्थात सोमवार को पड़ने वाली अमावस्या, कुरुक्षेत्र में तर्पण और पिंड दान के लिए प्रभावशाली मानी जाती है।
अक्टूबर से मार्च कुरुक्षेत्र यात्रा के लिए मौसम की दृष्टि से सबसे सुविधाजनक समय है। गर्मियों में (अप्रैल–जून) तापमान 45°C से ऊपर जा सकता है।
पिंड दान कराना है?
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