वाराणसी में तर्पण करने का सर्वोत्तम समय कब है?
- पितृ पक्ष: यह 16 चंद्र-दिवसों की अवधि, सामान्यतः सितंबर-अक्टूबर में, पूर्वजों को समर्पित सबसे महत्वपूर्ण समय है। पितृ पक्ष में वाराणसी में तर्पण करना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है।
- महालया अमावस्या: पितृ पक्ष का अंतिम दिन तर्पण के लिए सबसे प्रभावशाली दिन माना जाता है।
- अमावस्या (New Moon): हर अमावस्या तर्पण के लिए शुभ मानी जाती है, क्योंकि इस दिन पूर्वजों से संबंध अधिक प्रबल माना जाता है।
- प्रतिदिन: काशी और गंगा की नित्य पवित्रता के कारण अनेक श्रद्धालु घाटों पर सुबह के स्नान के बाद प्रतिदिन तर्पण करते हैं।
- मृत्यु-तिथि (Tithi): पूर्वज की मृत्यु से संबंधित विशिष्ट चंद्र तिथि पर तर्पण करना।
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