प्रयागराज में तर्पण के लिए सबसे शुभ समय कब होता है?
- पितृ पक्ष: 16-चंद्र तिथियों की अवधि (सितंबर-अक्टूबर) आम तौर पर पितृकर्मों के लिए सबसे शुभ समय मानी जाती है। इस समय प्रयागराज में तर्पण के लिए बड़ी भीड़ उमड़ती है।
- माघ मेला: प्रयागराज में हर साल लगने वाला यह पर्व (आमतौर पर जनवरी-फ़रवरी) संगम पर स्नान और तर्पण सहित कर्मों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
- कुंभ मेला/महाकुंभ मेला: यह समय-समय पर आता है (महाकुंभ हर 12 साल में, अगला 2025 में), और इसे सबसे प्रभावशाली समय माना जाता है। कुंभ मेला में किए गए कर्मों से अपार, अतुलनीय लाभ मिलने की मान्यता है।
- अमावस्या (नया चंद्रमा): मासिक अमावस्या पितृकर्मों के लिए शुभ होती है।
- प्रतिदिन: प्रयागराज की पवित्रता के कारण, अनेक श्रद्धालु सुबह स्नान के बाद संगम पर प्रतिदिन तर्पण करते हैं।
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