हरिद्वार में पिंड दान ठीक कहाँ किया जाता है?
हरिद्वार में कई पवित्र घाटों और मंदिरों का विशेष रूप से पिंड दान के लिए उपयोग होता है:
- कुशावर्त घाट: हरिद्वार में पिंड दान कर्मों के लिए इसे प्रमुख और अक्सर श्रेष्ठ स्थान माना जाता है।
- हर की पौड़ी: गंगा आरती के लिए प्रसिद्ध होने के साथ, हर की पौड़ी (विशेषकर इसके भीतर ब्रह्म कुंड क्षेत्र) पिंड दान के लिए भी प्रमुख और अत्यंत शुभ स्थान है।
- नारायणी शिला मंदिर: मायापुर के पास स्थित यह मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है और इसमें पितृ कर्म से विशेष रूप से जुड़ी पवित्र शिला है। यहाँ पिंड दान करना पूर्वजों को तृप्त करने और पितृ दोष शांत करने के लिए बहुत प्रभावी माना जाता है।
- विष्णु घाट: भगवान विष्णु, जो पालनकर्ता और संरक्षक माने जाते हैं, को समर्पित होने के कारण यह घाट श्राद्ध और पिंड दान कर्मों के लिए भी उपयुक्त है।
- गौ घाट: दिवंगत आत्माओं की मुक्ति के उद्देश्य से किए जाने वाले कर्मों के लिए लोकप्रिय है।
- कनखल सती घाट: यद्यपि यह मुख्यतः अस्थि विसर्जन के लिए जाना जाता है, पूर्वजों से जुड़े कुछ कर्म यहाँ भी किए जाते हैं।
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पिंड दान कराना है?
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