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Pind Daan at Haridwar

पिंड दान के लिए हरिद्वार महत्वपूर्ण स्थान क्यों है?

उत्तर दिया Swayam Kesarwani ·

हरिद्वार, जिसका अर्थ “भगवान का द्वार” है, हिन्दू धर्म के सात सबसे पवित्र स्थानों (सप्त पुरी) में से एक है। पिंड दान के लिए इसका महत्व कई कारणों से जुड़ा है:

  • पवित्र गंगा की उपस्थिति: गंगा नदी मैदानों में अपनी यात्रा हरिद्वार से आरम्भ करती है, इसलिए यहाँ उसका जल विशेष रूप से पवित्र माना जाता है। इसके तटों पर कर्म करना पापों की शुद्धि और पूर्वजों को मोक्ष दिलाने वाला माना जाता है।
  • पौराणिक महत्व: कथा के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान अमृत की बूंदें हरिद्वार में गिरीं, जिससे यह स्थान पवित्र हुआ। यहाँ पिंड दान करना पूर्वजों की शांति के लिए इस पवित्रता का लाभ देने वाला माना जाता है।
  • चार धाम का द्वार: चार धाम यात्रा का आरम्भ-बिंदु होने के कारण हरिद्वार में ऐसा गहरा आध्यात्मिक वातावरण है जो पितृ कर्मों के अनुकूल माना जाता है।
  • मुक्ति में विश्वास: हिन्दू मान्यता के अनुसार हरिद्वार में पिंड दान करने से दिवंगत आत्मा प्रेतलोक से पितृलोक की ओर सहज रूप से बढ़ती है और अंततः मोक्ष प्राप्त करती है। यह कर्ता के लिए अच्छे स्वास्थ्य और समृद्धि लाने वाला भी माना जाता है।

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