





3 इन 1 ऑनलाइन पिंडदान पैकेज प्रयागराज, वाराणसी और गया
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Ritual Performed at Sacred Site
A Veda-trained pandit performs the complete ceremony as per shastra at the designated holy teerth.
Confirmation & Documentation
Booking confirmation on WhatsApp. Digital documentation available on select poojas within 48 hours.
About This Ritual
हिन्दू धर्म में पित्र मोक्ष के लिए तीन स्थानों को सर्वश्रेष्ठ माना गया है — गया, प्रयागराज और काशी (वाराणसी)। इन तीनों तीर्थों पर पिंडदान करने से पितरों को पूर्ण मुक्ति और सद्गति प्राप्त होती है। प्रयाग पंडित्स का 3 इन 1 ऑनलाइन पिंडदान पैकेज आपको एकसाथ तीनों पवित्र स्थलों पर विधिवत पिंडदान कराने का अवसर देता है — वह भी घर बैठे वीडियो कॉल के माध्यम से। ₹35,000 के इस सम्पूर्ण पैकेज में तीनों तीर्थों के अनुभवी पंडित, सम्पूर्ण सामग्री और तीन अलग-अलग पूजा सत्र शामिल हैं।
तीन तीर्थों में पिंडदान — इसकी शक्ति क्यों सर्वाधिक है
शास्त्रों में एक सिद्धांत है — "त्रिस्थली यात्रा"। इसका अर्थ है तीन पवित्र नगरों की यात्रा जो मनुष्य को समस्त पापों से मुक्त करती है। ये तीन नगर हैं — प्रयागराज (तीर्थराज), काशी (मोक्षपुरी) और गया (पितृतीर्थ)। जब इन तीनों स्थानों पर पिंडदान किया जाता है, तो तीनों लोकों — ब्रह्म लोक, विष्णु लोक और शिव लोक — से आशीर्वाद प्राप्त होता है।
अग्नि पुराण में लिखा है: "प्रयागे माधवो देवः, काश्यां तु विश्वनाथः शिवः, गयायां गदाधरः विष्णुः — त्रिस्थल्यां मुक्तिदायिनी।" — प्रयागराज में माधव (विष्णु), काशी में विश्वनाथ (शिव), और गया में गदाधर (विष्णु) — तीनों मिलकर मुक्ति देते हैं।
इसलिए जो परिवार अपने पितरों को पूर्ण मुक्ति दिलाना चाहते हैं, उनके लिए तीनों तीर्थों पर पिंडदान करना सर्वश्रेष्ठ उपाय है। यदि स्वयं तीनों स्थानों पर जाना संभव न हो, तो हमारा 3-इन-1 पैकेज यही सुविधा घर बैठे देता है।
गया — पितृतीर्थ, जहाँ विष्णु स्वयं विराजते हैं
गया बिहार राज्य में स्थित वह पवित्र नगर है जहाँ विष्णुपद मंदिर में भगवान विष्णु के चरण-चिह्न स्थापित हैं। फल्गु नदी के तट पर किया गया पिंडदान सीधे भगवान विष्णु को अर्पित होता है, जो पितरों को बैकुंठ प्रदान करते हैं।
गरुड़ पुराण में कहा गया है: "न गयासमं तीर्थं, न गायत्र्याः परं जपम्।" — गया के समान कोई तीर्थ नहीं और गायत्री से श्रेष्ठ कोई जप नहीं। इस कथन से गया की महिमा स्पष्ट होती है।
रामायण में वर्णित है कि जब भगवान राम, सीता और लक्ष्मण गया आए थे, तब स्वयं महाराज दशरथ की आत्मा ने प्रकट होकर पिंड ग्रहण किया था। यह घटना गया के पिंडदान की अलौकिक शक्ति का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
गया में पिंडदान के विशेष स्थल — फल्गु नदी घाट, विष्णुपद, अक्षयवट, रामशिला और प्रेत शिला — इन पंचतीर्थों पर पिंडदान करने से पितरों को सर्वोच्च मुक्ति मिलती है। हमारे पंडित जी इन सभी प्रमुख स्थलों पर विधिवत पूजा करते हैं।
प्रयागराज — तीर्थराज, जहाँ तीन नदियाँ मिलती हैं
प्रयागराज (इलाहाबाद) को "तीर्थराज" कहा जाता है — तीर्थों का राजा। यहाँ गंगा, यमुना और सरस्वती (अदृश्य) का त्रिवेणी संगम होता है। ऋग्वेद में इस संगम की महिमा का वर्णन है। पद्म पुराण में कहा गया है कि प्रयाग में किया गया श्राद्ध और तर्पण अनंत काल तक पितरों को तृप्त रखता है।
संगम के तट पर किए गए पिंडदान में तीन देवियों — गंगा, यमुना और सरस्वती — का आशीर्वाद मिलता है। यह संयोग अन्यत्र कहीं नहीं मिलता। मत्स्य पुराण में लिखा है कि प्रयाग में एक पिंड देने से सौ वर्षों तक पितरों को तर्पण का फल मिलता है।
हमारी प्रयागराज टीम त्रिवेणी संगम के तट पर — दशाश्वमेध घाट के निकट — पिंडदान करती है। आप वीडियो कॉल पर स्वयं संगम की पवित्र भूमि पर अपने पितरों को पिंड अर्पित होते देख सकते हैं।
प्रयागराज के पिंडदान के बारे में और जानने के लिए पढ़ें: पिंडदान के बारे में सम्पूर्ण जानकारी।
वाराणसी — काशी, जहाँ मृत्यु भी मोक्ष है
काशी — भगवान शिव की नगरी। कहा जाता है कि काशी कभी डूबती नहीं, यह हमेशा भगवान शिव के त्रिशूल पर टिकी रहती है। काशी में मृत्यु को "काशीवास" कहते हैं और मान्यता है कि यहाँ जो भी मृत्यु को प्राप्त होता है, भगवान शिव स्वयं उसके कान में तारकमंत्र का उपदेश देते हैं और उसे मुक्ति प्रदान करते हैं।
मणिकर्णिका घाट — काशी का वह महाश्मशान जहाँ सदियों से अखंड चिता जलती रहती है। यहाँ पिंडदान करने से पितरों को भगवान शिव का प्रत्यक्ष आशीर्वाद मिलता है। स्कंद पुराण के काशी खंड में वर्णित है: "काशी क्षेत्रे मृतो जन्तुः, शिवेन तारितः स्वयम्।" — काशी में जो प्राणी मरता है, उसे शिव स्वयं तार देते हैं।
हमारे पंडित जी वाराणसी के मणिकर्णिका घाट या दशाश्वमेध घाट पर — जो भी उस दिन की परिस्थिति और पंचांग के अनुसार उचित हो — पिंडदान और तर्पण की विधि करते हैं।
3 इन 1 पैकेज में क्या-क्या शामिल है
₹35,000 के इस सम्पूर्ण पैकेज में तीनों तीर्थों की पूजा की सम्पूर्ण व्यवस्था शामिल है:
गया की पूजा सेवा
- फल्गु नदी घाट पर विधिवत पिंडदान
- काले तिल, जौ, चावल, कुशा, गंगाजल सहित सम्पूर्ण सामग्री
- अनुभवी गयावाल पंडित द्वारा वेद मंत्रों के साथ पूजा
- Zoom/WhatsApp वीडियो कॉल — आप लाइव देख सकते हैं
प्रयागराज की पूजा सेवा
- त्रिवेणी संगम के तट पर पिंडदान और तर्पण
- सम्पूर्ण पूजन सामग्री और गंगाजल
- पुराण और आगम-सम्मत विधि से स्नान और पिंड अर्पण
- लाइव वीडियो कॉल — संगम की पवित्रता आपके सामने
वाराणसी की पूजा सेवा
- गंगा घाट पर पिंडदान, तर्पण और पित्र श्राद्ध
- भगवान शिव की उपस्थिति में पूजा — काशी विश्वनाथ मंदिर क्षेत्र
- सम्पूर्ण सामग्री और काशीवासी पंडित द्वारा पूजा
- लाइव वीडियो कॉल
सभी तीनों स्थानों के लिए सामान्य सुविधाएँ
- प्रत्येक पूजा का पूरा वीडियो रिकॉर्डिंग — तीनों पूजाओं की
- संकल्प में आपकी और परिवार की सहभागिता — हर स्थान पर
- पूजा के बाद पंडित जी से परामर्श
- तीनों तीर्थों की पूजा एक ही पैकेज में — अलग-अलग बुकिंग की झंझट नहीं
ऑनलाइन तीन-तीर्थ पिंडदान की प्रक्रिया
यह पैकेज सामान्यतः तीन अलग-अलग दिनों में पूरा होता है — प्रत्येक तीर्थ के लिए एक दिन। हालाँकि यदि आप तीनों एक ही दिन कराना चाहते हैं, तो वह भी संभव है। पंडित जी पंचांग के अनुसार उचित क्रम और तिथियाँ निर्धारित करते हैं।
- दिन 1 — गया: सुबह फल्गु नदी घाट पर पूजा। आपको वीडियो कॉल पर जोड़ा जाएगा।
- दिन 2 — प्रयागराज: सुबह त्रिवेणी संगम पर पूजा। लाइव कॉल।
- दिन 3 — वाराणसी: सुबह गंगा घाट पर पूजा। लाइव कॉल।
प्रत्येक पूजा में आप संकल्प लेते हैं, पंडित जी मंत्रोच्चारण करते हैं और पिंड अर्पण करते हैं। तीनों पूजाओं की वीडियो रिकॉर्डिंग आपको WhatsApp पर भेजी जाती है।
किसे यह पैकेज लेना चाहिए
यह 3-इन-1 पैकेज उन परिवारों के लिए है जो:
- गंभीर पित्र दोष से पीड़ित हैं: जब कुंडली में राहु, केतु, सूर्य और मंगल की विशेष स्थिति हो और पित्र दोष के गंभीर लक्षण दिख रहे हों।
- NRI परिवार: विदेश में रहने वाले परिवार जो भारत के तीनों तीर्थों पर जाकर पिंडदान नहीं कर सकते।
- वृद्ध या अस्वस्थ माता-पिता के साथ: जहाँ परिवार में ऐसे सदस्य हों जो यात्रा नहीं कर सकते।
- जो तीर्थयात्रा पर जा चुके हों किंतु पिंडदान न हुआ हो: कभी-कभी लोग गया, प्रयाग या काशी जाते हैं पर समय की कमी से पिंडदान नहीं कर पाते — यह पैकेज उसकी पूर्ति करता है।
- पितरों को सर्वोच्च मुक्ति दिलाने के इच्छुक: जो परिवार अपने पितरों की आत्मा को तीनों लोकों से आशीर्वाद दिलाना चाहते हों।
- व्यापार, स्वास्थ्य या संतान संबंधी कष्ट: जहाँ ज्योतिषी ने तीनों तीर्थों पर पिंडदान की सलाह दी हो।
इस पैकेज और प्रयागराज में केवल पिंडदान के बीच अंतर समझने के लिए हमसे परामर्श लें।
पित्र दोष — जब एक तीर्थ पर्याप्त नहीं होता
कुछ परिवारों में पित्र दोष इतना गहरा होता है कि एक तीर्थ पर पिंडदान से पूरी तरह निवारण नहीं होता। ऐसे मामलों में शास्त्र तीनों तीर्थों पर पिंडदान करने का निर्देश देते हैं।
विशेष रूप से जब:
- परिवार की तीन से अधिक पीढ़ियों का श्राद्ध न हुआ हो
- किसी पूर्वज की अकाल मृत्यु हुई हो — दुर्घटना, आत्महत्या, या बिना संस्कार के
- परिवार में किसी की मृत्यु के बाद उचित दाह-संस्कार न हुआ हो
- कुंडली में तीनों — सूर्य, चन्द्र और राहु — पित्र दोष के कारक हों
ऐसे में तीनों तीर्थों पर पिंडदान — जो गया (विष्णु), प्रयागराज (ब्रह्मा) और काशी (शिव) की त्रिमूर्ति शक्ति को एक साथ सक्रिय करता है — सबसे प्रभावी उपाय है।
पिंडदान की सम्पूर्ण विधि और महत्व के बारे में विस्तार से पढ़ें: पिंडदान — सम्पूर्ण जानकारी।
3 इन 1 ऑनलाइन पिंडदान — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. तीनों तीर्थों की पूजा एक ही दिन में होगी या अलग-अलग दिन?
सामान्यतः तीनों पूजाएँ तीन अलग-अलग दिनों में होती हैं ताकि प्रत्येक तीर्थ पर पूरी विधि से समय दिया जा सके। हालाँकि यदि आपके पास समय सीमा हो और आप एक ही दिन तीनों कराना चाहते हों, तो उसकी भी व्यवस्था संभव है — पंडित जी उचित क्रम निर्धारित करेंगे। पितृपक्ष जैसे विशेष अवसरों पर एक ही शुभ दिन में तीनों पूजाएँ कराई जा सकती हैं।
2. क्या तीनों तीर्थों पर अलग-अलग पंडित होंगे?
हाँ, प्रत्येक तीर्थ पर उस स्थान के स्थानीय अनुभवी पंडित पूजा करेंगे। गया में गयावाल पंडित, प्रयागराज में तीर्थ पुरोहित और वाराणसी में काशी के विद्वान पंडित। इससे प्रत्येक तीर्थ की स्थानीय परंपरा और विधि का पूरी तरह पालन होता है।
3. यदि मुझे किसी एक दिन वीडियो कॉल पर आना संभव न हो तो?
यदि आप किसी एक दिन कॉल पर नहीं आ सकते, तो हम तिथि बदल देंगे। आपकी सुविधा के अनुसार समय और तिथि निर्धारित की जाती है। यदि कोई आपात स्थिति हो, तो पंडित जी आपके नाम का संकल्प लेकर पूजा करते हैं और पूरा वीडियो भेज देते हैं।
4. तीनों तीर्थों पर एक साथ पिंडदान कराने का क्या अतिरिक्त लाभ है?
शास्त्रों में "त्रिस्थली मुक्ति" का सिद्धांत है — तीनों पवित्र नगरों की पूजा मिलकर त्रिमूर्ति (ब्रह्मा, विष्णु, महेश) का आशीर्वाद प्रदान करती है। गया में विष्णु की कृपा से बैकुंठ का द्वार खुलता है, प्रयाग में ब्रह्मा की कृपा से समस्त पाप नष्ट होते हैं, और काशी में शिव की कृपा से मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है। तीनों मिलकर पितरों को पूर्ण और अंतिम मुक्ति दिलाते हैं।
5. ₹35,000 में क्या-क्या शामिल है — कोई छुपा शुल्क तो नहीं?
नहीं, कोई छुपा शुल्क नहीं है। ₹35,000 में तीनों तीर्थों के पंडित का पारिश्रमिक, तीनों स्थानों की सम्पूर्ण पूजन सामग्री, वीडियो कॉल की व्यवस्था और तीनों पूजाओं की वीडियो रिकॉर्डिंग — सब कुछ शामिल है। यात्रा, आवास या अन्य कोई अतिरिक्त खर्च आपको नहीं करना होता।
6. पिंडदान के लिए किस-किस जानकारी की आवश्यकता होगी?
बुकिंग के समय आपको बताना होगा: (1) जिन पितरों का पिंडदान करना है उनके नाम और गोत्र, (2) मृत्यु की तिथि यदि ज्ञात हो, (3) आपका नाम, गोत्र और निवास स्थान, (4) पसंदीदा तिथि। यदि गोत्र न पता हो तो "कश्यप" या "अत्रि" गोत्र से संकल्प किया जा सकता है — पंडित जी उचित मार्गदर्शन देंगे।
What Families Say 4.6
बहुत संतोषजनक सेवा। पंडित जी का वेद-शास्त्र का ज्ञान अद्भुत था। उन्होंने गरुड़ पुराण के श्लोकों का पाठ किया जो बहुत मार्मिक था। पूरा परिवार भावुक हो गया।
First time performing Pind Daan and was nervous about the process. But the team guided us well. They explained what to wear, what to bring, and what mantras to recite.…
My family has been using Prayag Pandits services for 3 years now. Always reliable and authentic.
Third time booking with Prayag Pandits. Always reliable service. The pandits are well versed in the scriptures and perform rituals with full devotion. The pricing is fair and transparent. No…
Had a wonderful experience. The booking process was easy and the ceremony was conducted with full devotion.
Booked this for my mother-in-law's teerth yatra. The arrangements were perfect from pickup to drop. The pandit performed all mantras correctly and with devotion. The poojan materials were all arranged…
हमने अपने पिता जी के श्राद्ध के लिए यह सेवा बुक की थी। पंडित जी बहुत अनुभवी थे और सभी विधि-विधान शास्त्रोक्त तरीके से करवाए। सामग्री की व्यवस्था भी उन्होंने…
আমার বাবার জন্য এই পূজা করিয়েছিলাম। সব কিছু ঠিকঠাক হয়েছে। পণ্ডিত জি খুব অভিজ্ঞ।
Very professional service. The pandit ji explained every step of the ritual which helped us understand the significance. Everything was arranged well including the samagri. We are grateful to Prayag…
Very professional service. The pandit ji explained every step of the ritual which helped us understand the significance. Everything was arranged well including the samagri. We are grateful to Prayag…


