गया में श्राद्ध के लिए सबसे उत्तम समय कौन सा है?
यद्यपि गया-जी के द्वार पितृ कर्म के लिए वर्षभर खुले रहते हैं, कुछ समय विशेष रूप से गया में श्राद्ध करने के लिए अत्यंत शुभ माने जाते हैं:
- पितृ पक्ष मेला: यह 15-दिवसीय अवधि (सामान्यतः सितम्बर-अक्टूबर) सर्वोच्च समय है। पितरों को समर्पित इस पखवाड़े में लाखों श्रद्धालु गया आते हैं। पितृ पक्ष के दौरान गया में श्राद्ध करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।
- वर्षभर: कोई भी दिन उपयुक्त है। अनेक लोग गया दर्शन के समय, तिथि की परवाह किए बिना, श्राद्ध करते हैं।
- अमावस्या (नई चाँद): मासिक अमावस्या के दिन पितृ कर्म के लिए शुभ माने जाते हैं।
- सूर्य ग्रहण / चंद्र ग्रहण: ये भी गया में इन अनुष्ठानों के लिए अत्यंत प्रभावशाली समय माने जाते हैं।
- सीधी बात यह है — जब भी आप श्रद्धापूर्वक गया पधारें, समय सही होता है।
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