गया में श्राद्ध करना अन्य सभी स्थानों से विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण क्यों माना जाता है?
गया जी अतुलनीय है! स्वयं भगवान राम ने यहाँ अपने पिता दशरथ का श्राद्ध किया था। गया माहात्म्य और पुराण गया को पितरों की मोक्ष भूमि घोषित करते हैं। इसका मुख्य कारण है — यहाँ के मुख्य मंदिर में प्रतिष्ठित भगवान विष्णु के चरण-चिह्न (विष्णुपद) की उपस्थिति। मान्यता है कि विष्णुपद पर पिंड अर्पित करने से पितरों को सीधे मोक्ष की प्राप्ति होती है।
गया की फल्गु नदी ऊपर से प्रायः सूखी दिखती है, किंतु यह भूमिगत रूप से बहती है और पवित्र मानी जाती है। गया में इसके तट पर या निर्धारित वेदियों पर किए गए अर्पण पितरों तक अवश्य पहुँचते हैं और उन्हें पूर्ण तृप्ति प्रदान करते हैं — यही गया के श्राद्ध की अनन्य शक्ति है।
श्राद्ध कराना है?
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