वाराणसी में तर्पण के सबसे महत्वपूर्ण स्थान कौन-से हैं?
वाराणसी में गंगा के किनारे कई घाटों पर तर्पण किया जा सकता है, लेकिन कुछ स्थान विशेष रूप से अधिक प्रिय माने जाते हैं:
- दशाश्वमेध घाट: यह मुख्य और सबसे प्रसिद्ध घाट है, जो अपने जीवंत आध्यात्मिक वातावरण और काशी विश्वनाथ मंदिर के निकट होने के कारण जाना जाता है।
- अस्सी घाट: गंगा और अस्सी नदियों के संगम पर स्थित यह घाट लोकप्रिय है और अनुष्ठानों के लिए अपेक्षाकृत शांत वातावरण देता है।
- मणिकर्णिका घाट: यह मुख्य रूप से दाह-संस्कार घाट है, फिर भी इसकी अत्यंत पवित्रता और मोक्ष से जुड़ी मान्यता के कारण इसके आसपास तर्पण जैसे अनुष्ठान किए जाते हैं।
- हरिश्चंद्र घाट: यह भी एक प्रमुख दाह-संस्कार घाट है और पितृ कर्मों के लिए पवित्र माना जाता है।
- पंचगंगा घाट: पाँच नदियों का संगम माना जाने वाला यह घाट शुभ माना जाता है।
- केदार घाट: केदारेश्वर मंदिर से जुड़ा एक महत्वपूर्ण घाट।
- पिशाचमोचन कुंड: यह गंगा घाट नहीं है, पर वाराणसी का यह पवित्र कुंड अकाल मृत्यु या नकारात्मक प्रभावों से पीड़ित आत्माओं की मुक्ति के लिए किए जाने वाले कर्मों के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है।
क्या यह उपयोगी था?
व्हाट्सऐप पर अगला प्रश्न पूछें
तर्पण कराना है?
हमारे अनुभवी पंडित भारत के पवित्र स्थलों पर वीडियो प्रमाण के साथ प्रामाणिक अनुष्ठान कराते हैं।