वाराणसी के संदर्भ में तर्पण का क्या अर्थ है?
तर्पण का अर्थ है ‘संतुष्ट करना’। यह हिन्दू अनुष्ठान है जिसमें देवताओं, ऋषियों और विशेष रूप से दिवंगत पूर्वजों (पितृगण) को काले तिल जैसी निर्धारित सामग्री मिले हुए जल का अर्पण किया जाता है। वाराणसी में पवित्र गंगा नदी के तट पर तर्पण करना अत्यंत शुभ माना जाता है, क्योंकि काशी को ‘मुक्ति की नगरी’ और मोक्ष-भूमि माना गया है। गंगा की शुद्ध करने वाली शक्ति इस अनुष्ठान को और भी पवित्र बनाती है। इस गहन आध्यात्मिक नगर में तर्पण पूर्वजों के आशीर्वाद और उनकी शांति के लिए श्रद्धापूर्वक किया जाने वाला कर्म है।
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तर्पण कराना है?
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