पितृपक्ष में प्याज और लहसुन क्यों वर्जित हैं?
आयुर्वेद में प्याज और लहसुन राजसिक और आंशिक रूप से तामसिक माने जाते हैं — ये उत्तेजना और चंचलता बढ़ाते हैं। पितृपक्ष में पितृ आत्माओं से अनुष्ठानिक जुड़ाव के लिए शांत सात्त्विक चेतना आवश्यक होती है। पुराण भी दोनों को कर्मकांड की दृष्टि से अशुद्ध मानते हैं, इसलिए पवित्र व्रत-पालन के दौरान खाए जाने वाले भोजन के लिए वे अनुपयुक्त हैं।
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