यदि कई वर्षों तक श्राद्ध न किया जाए तो क्या होता है?
गरुड़ पुराण और मार्कंडेय पुराण बताते हैं कि जिन पूर्वजों को श्राद्ध नहीं मिलता, वे पितृलोक में तीव्र भूख और कष्ट की अवस्था में रहते हैं। मार्कंडेय पुराण के अनुसार उपेक्षित पूर्वज जीवित परिवार को कठोर शाप देते हैं, जिससे कठिनाइयाँ, रोग, संतानहीनता और प्रगति में रुकावट आ सकती है। तीन या अधिक वर्षों तक श्राद्ध छूट जाए तो निर्धारित उपाय त्रिपिंडी श्राद्ध है, जो कई पीढ़ियों के छूटे हुए कर्मों को एक साथ संबोधित करता है।
क्या यह उपयोगी था?
व्हाट्सऐप पर अगला प्रश्न पूछें
श्राद्ध कराना है?
हमारे अनुभवी पंडित भारत के पवित्र स्थलों पर वीडियो प्रमाण के साथ प्रामाणिक अनुष्ठान कराते हैं।