क्या हिंदू शास्त्रों के अनुसार ऑनलाइन या प्रतिनिधि पिंड दान मान्य है?
हाँ। धर्मशास्त्र ग्रंथ स्पष्ट रूप से बताते हैं कि जब मुख्य कर्ता बीमारी, दूरी या अन्य अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण स्वयं उपस्थित न हो सके, तो कर्म प्रतिनिधि के माध्यम से कराया जा सकता है। शर्त यह है कि प्रतिनिधि (हमारे पंडित) कर्ता द्वारा दी गई पूर्ण अनुमति से कार्य करें, संकल्प में कर्ता और उनके पितरों के नाम सही ढंग से लिए जाएँ, और कर्ता भावपूर्वक तथा प्रार्थना के साथ सहभागी हो। हमारा लाइव वीडियो कॉल प्रारूप इन आवश्यकताओं को पूरा करता है। कई सम्मानित विद्वान और शंकराचार्य परंपरा विधिपूर्वक किए गए प्रतिनिधि कर्मों की वैधता की पुष्टि करते हैं।
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