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Hindu Calendar & Astrology

पंचक दोष के लिए कौन-से उपाय बताए गए हैं?

उत्तर दिया Prakhar Porwal ·

जब पंचक में मृत्यु होती है, तब धर्म सिन्धु और क्षेत्रीय स्मृति ग्रंथ पंचक शान्ति विधि बताते हैं। कुशा घास या दर्भ से पाँच पुतले बनाए जाते हैं, जिनमें प्रत्येक एक प्रतीकात्मक शरीर का प्रतिनिधित्व करता है। इन्हें दिवंगत व्यक्ति के साथ चिता पर रखा जाता है और साथ में दाह किया जाता है — मान्यता है कि पाँच पुतले पाँच नक्षत्रों की मांग को संतुष्ट करते हैं और परिवार में आगे मृत्यु को रोकते हैं। दाह संस्कार के समय योग्य ब्राह्मण को विशिष्ट मंत्र करने चाहिए। इसके अतिरिक्त गायत्री मंत्र जप (1,008 बार), महामृत्युंजय मंत्र जप (40 दिनों की अवधि में 1,25,000 बार), नवग्रह पूजा और रुद्र अभिषेक पूरक उपायों के रूप में अनुशंसित हैं। सामान्य पंचक अवधि (जो मृत्यु से सम्बंधित न हो) के लिए शास्त्र पाँच निषिद्ध कार्यों से बचने की सलाह देते हैं, पर सामान्य दैनिक पूजा, तर्पण या पितृ विधियों पर रोक नहीं लगाते। पंचक में पिंड दान और श्राद्ध किए जा सकते हैं — दोष केवल दाह संस्कार से सम्बंधित कार्यों में माना जाता है। Prayag Pandits पंचक-काल में हुई मृत्यु से प्रभावित परिवारों के लिए पंचक शान्ति पूजा और महामृत्युंजय जाप सेवाएँ देता है। संपर्क करें: +91 77540 97777।

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