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Hindu Calendar & Astrology

पंचक की 5 मौतें क्या हैं?

उत्तर दिया Prakhar Porwal ·

पंचक की 5 मौतें वाक्यांश उस व्यापक हिन्दू मान्यता को दर्शाता है कि यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु पंचक काल में हो (वह 2.5-दिन की अवधि जब चन्द्रमा अंतिम पाँच नक्षत्रों से गुजरता है), तो उचित पंचक शान्ति विधि न होने पर उसी परिवार में पाँच लगातार मृत्यु हो सकती हैं। पंचक के पाँच प्रकार संबंधित पाँच नक्षत्रों से जुड़े हैं: मृत्यु पंचक (मृत्यु-संबंधी, धनिष्ठा नक्षत्र) — परिवार में अतिरिक्त मृत्यु का जोखिम; अग्नि पंचक (अग्नि-संबंधी, शतभिषा नक्षत्र) — आग से विनाश का जोखिम; राज पंचक (सत्ता/कानूनी, पूर्व भाद्रपद) — सरकारी दंड या कानूनी परेशानी का जोखिम; चोर पंचक (चोरी, उत्तर भाद्रपद) — चोरी या संपत्ति-हानि का जोखिम; रोग पंचक (रोग, रेवती नक्षत्र) — परिवार में दीर्घ रोग फैलने का जोखिम। धर्म सिन्धु दाह संस्कार के समय पाँच पुतले बनाने का उपाय बताता है, जिन्हें कुशा घास से बनाकर दिवंगत के साथ दाह किया जाता है — प्रत्येक पुतला प्रतीक रूप से एक नक्षत्र को संतुष्ट करता है, जिससे लगातार मृत्यु रोकी जाती है। इसलिए परिवारों को पंचक में मृत्यु होने पर तुरंत योग्य ब्राह्मण से सलाह लेने को कहा जाता है, ताकि सटीक नक्षत्र जाना जाए और उचित शान्ति पूजा की जा सके। Prayag Pandits +91 77540 97777 पर आपातकालीन पंचक शान्ति परामर्श देता है।

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