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Hindu Calendar & Astrology

वैदिक ज्योतिष क्या है और यह पश्चिमी ज्योतिष से कैसे भिन्न है?

उत्तर दिया Prakhar Porwal ·

वैदिक ज्योतिष (ज्योतिष शास्त्र) खगोल और ज्योतिष की प्राचीन भारतीय प्रणाली है, जिसकी उत्पत्ति वेदों से हुई है — विशेष रूप से ज्योतिष वेदांग से, जो वेदों के छह अंगों में से एक है। यह पश्चिमी ज्योतिष से कई मूलभूत तरीकों से भिन्न है। नाक्षत्र बनाम सायन: वैदिक ज्योतिष नाक्षत्र राशि-चक्र का उपयोग करता है (वास्तविक तारों की स्थितियों पर आधारित), जबकि पश्चिमी ज्योतिष सायन राशि-चक्र का उपयोग करता है (सूर्य से पृथ्वी के संबंध पर आधारित)। इससे दोनों प्रणालियों में लगभग 24-degree का अंतर (अयनांश) बनता है, यानी आपकी वैदिक सूर्य राशि आपकी पश्चिमी राशि से अलग हो सकती है। चंद्र-प्रधानता: वैदिक ज्योतिष चंद्र राशि और उसके नक्षत्र को प्राथमिक महत्व देता है, जबकि पश्चिमी ज्योतिष सूर्य राशि पर केंद्रित रहता है। दशा प्रणाली: वैदिक ज्योतिष विंशोत्तरी दशा प्रणाली का उपयोग करता है — ग्रह अवधियाँ, जो जन्म के समय चन्द्रमा की स्थिति के आधार पर जीवन की घटनाओं का अनुमान देती हैं। पश्चिमी ज्योतिष गोचर और प्रोग्रेशन का उपयोग करता है। उपाय-प्रधानता: वैदिक ज्योतिष ग्रह पीड़ाओं के उपाय के रूप में विशिष्ट पूजाएँ, मंत्र, रत्न और दान बताता है — जिनमें पितृ दोष, काल सर्प दोष, मांगलिक दोष और साढ़े साती शामिल हैं। यही उपायात्मक आयाम ज्योतिष को सीधे हिन्दू कर्मकांड से जोड़ता है।

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