वाराणसी में श्राद्ध के अलावा दिवंगत प्रियजन की शांति के लिए और कौन से अनुष्ठान किए जा सकते हैं?
वाराणसी में दिवंगत प्रियजनों को श्रद्धांजलि देने के अनेक उपाय हैं:
- अस्थि विसर्जन: वाराणसी में गंगा की पवित्र धारा में अस्थि विसर्जन अत्यंत शुभ माना जाता है और यह आत्मा की मोक्ष-यात्रा में सहायक होता है।
- शास्त्र-पाठ: आत्मा की शांति के लिए गरुड़ पुराण, भगवद् गीता, या विशेष स्तोत्रों का पाठ आयोजित करना।
- दीप दान: दिवंगत की स्मृति में संध्याकाल या विशेष पर्वों पर गंगा में दीये अर्पित करना।
- निर्धनों/गायों/पशुओं को भोजन: पूर्वजों के नाम पर अन्नदान करना या गाय जैसे पवित्र पशुओं को चारा खिलाना।
- मंदिर पूजा: काशी विश्वनाथ या अन्य मंदिरों में विशेष पूजा या अर्पण का आयोजन करना और वह पुण्य पूर्वजों को समर्पित करना।
- गंगा के तट पर बैठकर ध्यान करना, दिवंगत को स्मरण करना और उनकी शांति के लिए प्रार्थना करना — इस पवित्र नगरी में यह भी अत्यंत आध्यात्मिक महत्व रखता है।
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