श्राद्ध के दौरान कौन से आहार नियमों का पालन करना आवश्यक है?
हाँ, अनुष्ठान की पवित्रता के लिए आहार-शुद्धि अत्यंत आवश्यक है। श्राद्ध के दिन, और आदर्शतः पितृ पक्ष की पूरी अवधि में — यदि आप उस अवधि में यहाँ हैं — इन बातों का ध्यान रखें:
- सख्त शाकाहार: मांस, मछली, मुर्गी और अंडों से पूरी तरह दूर रहें।
- तामसी/राजसी भोजन से परहेज: प्याज़, लहसुन, बैंगन, मसूर दाल (लाल मसूर) तथा अत्यधिक मसालेदार या तैलीय भोजन न लें। ऐसा माना जाता है कि ये मन को मलिन करते हैं और नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न करते हैं।
- बासी भोजन से बचें: प्रसाद और भोजन ताज़ा बना हुआ होना चाहिए। बचा हुआ भोजन अशुद्ध माना जाता है।
- मदिरा और तम्बाकू: ये पूर्णतः वर्जित हैं।
- कई श्रद्धालु श्राद्ध की विधि पूर्ण होने तक उपवास रखते हैं और दिन में बाद में केवल एक सादा भोजन ग्रहण करते हैं। इन नियमों का पालन शरीर और मन की आवश्यक सात्विक अवस्था बनाए रखने में सहायक होता है।
क्या यह उपयोगी था?
व्हाट्सऐप पर अगला प्रश्न पूछें
श्राद्ध कराना है?
हमारे अनुभवी पंडित भारत के पवित्र स्थलों पर वीडियो प्रमाण के साथ प्रामाणिक अनुष्ठान कराते हैं।