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Pitrupaksha

क्या अकेली संतान होने पर बेटी मासिकम कर सकती है?

उत्तर दिया Prakhar Porwal ·

हाँ, तमिल परंपरा में पुत्र न होने पर या बेटी के अकेली संतान होने पर बेटियाँ मासिकम कर सकती हैं। आधुनिक तमिल वैदिक पंडित बेटियों द्वारा मासिक पितृ-कर्म करने की प्रथा को स्वीकार करते हैं, विशेष रूप से जब वही एकमात्र जीवित संतान हों। विधि की आध्यात्मिक प्रभावशीलता पूर्ण रहती है। बेटी अपने नाम से संकल्प करती है, अपने माता-पिता के गोत्र का आह्वान करती है, और सही द्रविड़ मंत्रों के साथ पिंड अर्पित करती है। हमारे तमिल-भाषी पंडित बेटियों को पूर्ण 12-महीने के मासिकम क्रम में नियमित रूप से मार्गदर्शन देते हैं, जो पहले वर्ष के अंत में सपिण्डीकरण संस्कार में पूर्ण होता है।

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