क्या विधि तक अस्थियाँ घर पर रखी जा सकती हैं?
गरुड़ पुराण अस्थियों को लंबे समय तक घर में रखने से दृढ़ता से बचने की सलाह देता है। यदि तुरंत विसर्जन संभव न हो, तो कलश को पेड़ पर लटकाया जाना चाहिए (भूमि पर न रखा जाए और घर के भीतर न रखा जाए) तथा यात्रा के दौरान अशुद्धियों से कठोर रूप से सुरक्षित रखना चाहिए। शास्त्र चेतावनी देते हैं कि कुछ दिनों से अधिक अस्थियाँ घर में रखने से आत्मा घर-गृहस्थी में अटकी रहती है, जिससे दिवंगत और जीवित परिवार दोनों को अशांति हो सकती है। जिन परिवारों को विसर्जन टालना पड़े, उनके लिए सर्वोत्तम व्यवहार है कि कलश को रहने के कमरों से बाहर किसी स्वच्छ, ऊँचे स्थान (बरामदा या अलग ठंडा कमरा) में रखा जाए, साथ में दीपक जलाया जाए और नियमित जल-अर्पण किया जाए। लंबे घरेलू संग्रह से बचने के लिए हमारे पंडित अल्प सूचना पर तत्काल अस्थि विसर्जन की व्यवस्था कर सकते हैं।
अस्थि विसर्जन कराना है?
हमारे अनुभवी पंडित भारत के पवित्र स्थलों पर वीडियो प्रमाण के साथ प्रामाणिक अनुष्ठान कराते हैं।