क्या तृतीया श्राद्ध और महा भरणी श्राद्ध एक ही विधि में किए जा सकते हैं?
हाँ, बिल्कुल। 2026 में दोनों एक ही दिन पड़ते हैं, इसलिए त्रिवेणी संगम पर एक विस्तृत विधि में दोनों को शामिल किया जा सकता है: कुतुप और रोहिण मुहूर्तों में तिथि-विशेष तृतीया श्राद्ध, और जब भरणी नक्षत्र सक्रिय हो तब अपराह्न काल में महा भरणी विधि। 2026 के लिए यही अनुशंसित तरीका है।
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