तीर्थयात्री पवित्र स्थलों पर पर्यावरणीय प्रभाव कैसे घटाएँ?
मिट्टी के दीये और प्राकृतिक फूल-माला जैसी पर्यावरण-अनुकूल अनुष्ठान सामग्री उपयोग करें। पवित्र नदियों में अपघटित न होने वाली वस्तुएँ न फेंकें। नदियों में स्नान करते समय रासायनिक साबुन का उपयोग न करें। अपना कचरा स्थल से बाहर ले जाएँ। गंगा पुनर्स्थापन पर काम करने वाले संगठनों का समर्थन करें। नदियाँ दिव्य माताएँ हैं; उनके प्रति श्रद्धा उनके भौतिक पर्यावरण की रक्षा तक भी जाती है।
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