श्राद्ध कितने प्रकार के होते हैं?
विश्वामित्र स्मृति और भविष्य पुराण मिलकर श्राद्ध के बारह प्रकार बताते हैं: नित्य (दैनिक), नैमित्तिक (विशेष अवसर), काम्य (इच्छा-पूर्ति), वृद्धि या नंदी (शुभ अवसरों के लिए), पार्वण (वार्षिक मृत्यु तिथि), सपिंडन (आत्मा को पूर्वजों से जोड़ना), गोष्ठी (समूह में), शुद्ध्यार्थ (शुद्धि के लिए), कर्मांग (बड़े संस्कार का भाग), दैविक (देवताओं के लिए), यात्रार्थ (यात्रा से पहले), और पुष्ट्यार्थ (समृद्धि के लिए)। मत्स्य पुराण इन्हें तीन श्रेणियों में सरल करता है, जबकि यम स्मृति पाँच प्रकार बताती है।
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श्राद्ध कराना है?
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