कुंडली में मांगलिक दोष हो तो क्या होता है?
जब मंगल जन्म कुंडली के 1st, 2nd, 4th, 7th, 8th या 12th भाव में स्थित हो, तो व्यक्ति को मांगलिक दोष वाला माना जाता है। पारंपरिक मान्यता है कि यह स्थिति वैवाहिक जीवन में तनाव, देरी या असामंजस्य पैदा कर सकती है, खासकर 7th भाव (विवाह स्वयं) और 8th भाव (जीवनसाथी की दीर्घायु) में। अधिक प्रबल स्थितियों में उपयुक्त रिश्ता मिलने में देरी, विवाह के बाद संघर्ष, जीवनसाथी के स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएँ, या घर में आर्थिक तनाव हो सकता है। हालांकि, मांगलिक दोष विवाह को अपने-आप नष्ट नहीं करता — इसकी शक्ति मंगल की सटीक डिग्री, उसकी दृष्टियों और उसी कुंडली में शुभ ग्रहों की संतुलनकारी उपस्थिति पर निर्भर करती है।
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