वाराणसी में विशुद्ध चक्र और भगवान शिव का क्या संबंध है?
वाराणसी (काशी) को परंपरागत रूप से भगवान शिव का पृथ्वी पर निवास माना जाता है, उनके नीलकंठ रूप में — नीले कंठ वाले शिव — जो सीधे विशुद्ध चक्र से जुड़ा है। नीलकंठ नाम समुद्र मंथन के दौरान शिव द्वारा हालाहल विष पीकर उसे सृष्टि की रक्षा के लिए अपने कंठ में धारण करने से जुड़ा है — यह विषैले या कठिन को धारण कर बदलने वाली विशुद्ध की शक्ति की सर्वोच्च पौराणिक अभिव्यक्ति है। वाराणसी की तीर्थयात्रा और गंगा आरती विशुद्ध चक्र जागरण की सामूहिक साधनाएँ हैं।
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