अष्टमी पूर्वजों से जुड़ा पितृ दोष क्या है?
विष्णु धर्मशास्त्र के अनुसार, अष्टमी पर दिवंगत उपेक्षित पूर्वज एक विशिष्ट पितृ दोष उत्पन्न करते हैं, जो वंशजों की हड्डियों, जोड़ों और शारीरिक ऊर्जा को प्रभावित करता है। यह पीढ़ियों तक पुराने कमर दर्द, गठिया, अस्पष्ट थकान या लगातार स्वास्थ्य समस्याओं के रूप में प्रकट हो सकता है। उपाय है कि पूरी विधि-विधान के साथ अष्टमी श्राद्ध किया जाए, आदर्श रूप से प्रयागराज जैसे तीर्थ पर, और पूर्वज के लिए महामृत्युंजय मंत्र 108 बार जपा जाए।
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