प्रयागराज में श्राद्ध करने का सबसे शुभ समय कब है?
- अन्य पवित्र तीर्थ स्थलों की भाँति, पितृ पक्ष (सामान्यतः सितंबर-अक्टूबर) को त्रिवेणी संगम पर श्राद्ध के लिए सर्वाधिक शक्तिशाली समय माना जाता है। इस अवधि में पूर्वज के निधन की विशिष्ट तिथि (चंद्र-दिन) पर क्रियाकर्म सम्पन्न करना आदर्श है।
- अन्य शुभ समय में ये प्रमुख हैं:
- माघ मेला: हिन्दू माघ मास (जनवरी-फरवरी) में, जब यहाँ अनेक श्रद्धालु और संत एकत्रित होते हैं, तब श्राद्ध करना विशेष महत्त्व रखता है।
- अमावस्या: प्रत्येक मास की अमावस्या।
- पुण्यतिथि: पूर्वज के निधन की वार्षिक तिथि (वार्षिक श्राद्ध)।
- फिर भी, प्रयागराज की पवित्रता ऐसी है कि सच्ची श्रद्धा के साथ लगभग किसी भी दिन यहाँ श्राद्ध करना फलदायी होता है।
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