श्राद्ध कब करना चाहिए — शुभ समय कौन से हैं?
श्राद्ध आदर्श रूप से हर वर्ष पूर्वज की मृत्यु तिथि (चंद्र तिथि) पर करना चाहिए। सबसे महत्वपूर्ण सामूहिक अवधि पितृ पक्ष है (भाद्रपद के हिंदू मास में 16 दिन, सामान्यतः September), जब सभी पूर्वजों का एक साथ सम्मान किया जा सकता है। हर महीने की अमावस्या (New Moon day) भी पसंदीदा समय है। इसके अतिरिक्त सूर्य ग्रहण, अक्षय तृतीया, मकर संक्रांति, और कृत्तिका व रोहिणी जैसे विशेष नक्षत्र श्राद्ध के लिए शुभ हैं। दोपहर में श्राद्ध करना (कुतुप और रोहिण मुहूर्त) परंपरागत रूप से निर्धारित है।
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