वाराणसी में अस्थि विसर्जन कब करें?
अस्थि विसर्जन—पवित्र नदी में दिवंगत व्यक्ति की अस्थियों का विसर्जन—हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण संस्कार है। वाराणसी या काशी में यह संस्कार वर्ष के किसी भी दिन किया जा सकता है, लेकिन हिंदू पंचांग और दिवंगत व्यक्ति की मृत्यु-तिथि के आधार पर कुछ समय अधिक शुभ माने जाते हैं। सामान्यतः दाह-संस्कार के बाद 3रे, 7वें या 9वें दिन अस्थियाँ एकत्र की जाती हैं और आदर्श रूप से 10वें दिन से पहले उनका विसर्जन कर देना चाहिए। हालांकि, यदि परिस्थितियाँ ऐसा करने की अनुमति न दें, तो तीर्थ-श्राद्ध की विधि पूरी करने के बाद यह संस्कार करने की सलाह दी जाती है। किसी जानकार पंडित जी या पुरोहित से परामर्श करने पर विसर्जन के लिए सबसे शुभ समय निर्धारित करने में सहायता मिल सकती है।
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