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हरिद्वार में अस्थि विसर्जन विशेष रूप से कहाँ किया जाता है?

उत्तर दिया Swayam Kesarwani ·

हरिद्वार में कई घाटों का उपयोग होता है, जिनमें कुछ अधिक प्रमुख या परंपरागत रूप से महत्वपूर्ण हैं:

  • हर की पौड़ी: यह हरिद्वार का सबसे प्रसिद्ध और सबसे पवित्र माना जाने वाला घाट है, विशेष रूप से इसके भीतर का ब्रह्म कुंड क्षेत्र। यहाँ विसर्जन भगवान विष्णु के चरणचिह्न की मान्यता के कारण अत्यंत श्रद्धेय माना जाता है।
  • कनखल (सती घाट): हरिद्वार के उपनगर प्राचीन कनखल में दक्षेश्वर महादेव मंदिर के पास स्थित सती घाट को, हर की पौड़ी के साथ, प्राचीन शास्त्रों के अनुसार अस्थि विसर्जन के लिए उपयुक्त स्थान माना जाता है।
  • अन्य घाट: हर की पौड़ी और कनखल प्रमुख हैं, पर आसपास के अन्य घाटों जैसे कुशावर्त घाट, विष्णु घाट, ब्रह्मकुंड घाट और गंगोत्री घाट (हर की पौड़ी के पास) पर भी कर्म होते हैं, जिन्हें कभी-कभी अपेक्षाकृत शांत वातावरण के कारण चुना जाता है। कुछ मतभेद भी हैं, जिनमें गंगा सभा जैसे पारंपरिक निकाय हर की पौड़ी (ब्रह्म कुंड) और सती घाट को ही शास्त्रसम्मत स्थान बताते हैं।

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