अस्थि विसर्जन के लिए हरिद्वार को प्रमुख स्थान क्यों माना जाता है?
हरिद्वार, जिसका अर्थ “भगवान का द्वार” है, हिन्दुओं के लिए सात सबसे पवित्र नगरों (सप्त पुरी) में से एक है। अस्थि विसर्जन के लिए इसका महत्व गहरा है:
- पवित्र गंगा नदी: गंगा, जिसे सबसे पवित्र नदी माना जाता है, मैदानों में प्रवेश करते समय हरिद्वार से होकर बहती है। इसलिए यहाँ उसका जल विशेष रूप से पवित्र माना जाता है। हरिद्वार में गंगा में अस्थियाँ विसर्जित करना मोक्ष देने वाला माना जाता है।
- पौराणिक पवित्रता: समुद्र मंथन के दौरान अमृत की बूंदें हर की पौड़ी पर गिरीं, ऐसी मान्यता है, जिससे यह स्थान पवित्र हुआ।
- दिव्य लोक का द्वार: प्रमुख तीर्थ और चार धामों के प्रवेश-द्वार के रूप में हरिद्वार में प्रबल आध्यात्मिक ऊर्जा मानी जाती है, जो पितृ कर्मों के लिए बहुत लाभकारी है। गरुड़ पुराण जैसे ग्रंथ परलोक-संबंधी कर्मों में हरिद्वार के महत्व पर बल देते हैं।
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