गया में तर्पण करने का अधिकार किसे है?
परंपरागत रूप से, माता-पिता और पितृगण के लिए तर्पण और श्राद्ध करने का प्राथमिक अधिकार (अधिकारी) ज्येष्ठ पुत्र को होता है। यदि ज्येष्ठ पुत्र अनुपलब्ध हो या दिवंगत हो चुके हों, तो कनिष्ठ पुत्र, पौत्र, प्रपौत्र, भाई, अथवा अन्य पुरुष संबंधी (सपिंड, समानोदक) यह कर्म कर सकते हैं। विवाहित पुत्र इसे अपनी पत्नी के साथ मिलकर करता है।
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