वाराणसी को श्राद्ध करने के लिए सबसे पवित्र स्थान क्यों माना जाता है?
काशी कोई साधारण नगर नहीं है। यह भगवान शिव की नगरी है — मोक्षदायिनी नगरी, जो दिवंगत आत्माओं को मुक्ति प्रदान करती है। यहाँ, विशेषतः माँ गंगा के घाटों पर पिंडदान के साथ श्राद्ध करने से, दिवंगत आत्माओं को सद्गति और मोक्ष प्राप्त होता है — ऐसी मान्यता है। कहा जाता है कि जब वंशज काशी में ये क्रियाकर्म सम्पन्न करते हैं, तो पितृगण को अपार संतुष्टि मिलती है और वे शांतिपूर्वक उच्चतर लोकों में पहुँचते हैं, या जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति पाते हैं। इस स्थान की ऊर्जा और गंगा की पवित्रता मिलकर अनुष्ठान के पुण्य को कई गुना बढ़ा देती है।
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श्राद्ध कराना है?
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