पिंड दान के लिए परिवार के कौन से सदस्य उपस्थित होने चाहिए?
मुख्य कर्ता उपस्थित होना चाहिए — परंपरा में यह ज्येष्ठ पुत्र होता है, और उसके अभाव में: पौत्र, प्रपौत्र, पत्नी, बेटी, बेटी का पुत्र, भाई या अन्य सपिंड संबंधी। पूरा परिवार (जीवनसाथी, बच्चे, भाई-बहन) साथ आ सकता है, लेकिन मुख्य विधि केवल एक व्यक्ति करता है। यदि कर्ता यात्रा नहीं कर सकता, तो योग्य पुरोहित (ऋत्विज) उनके नाम से विधि कर सकता है। विदेश में रहने वाले परिवारों के लिए हम दूरस्थ पिंड दान की व्यवस्था करते हैं, जहाँ पुरोहित सही गोत्र-आवाहन के साथ परिवार के नाम से संस्कार करता है। विधि की आध्यात्मिक प्रभावशीलता सही गोत्र, संकल्प और मंत्रों पर निर्भर करती है — कितने परिवारजन प्रत्यक्ष उपस्थित हैं, इस पर नहीं। हमारे पंडित दूरी के बावजूद पूर्ण विधि सुनिश्चित करते हैं।
पिंड दान कराना है?
हमारे अनुभवी पंडित भारत के पवित्र स्थलों पर वीडियो प्रमाण के साथ प्रामाणिक अनुष्ठान कराते हैं।