बद्रीनाथ में ब्रह्म कपाल क्या है और इसका महत्व क्यों है?
ब्रह्म कपाल बद्रीनाथ में अलकनंदा नदी के तट पर स्थित एक पवित्र समतल शिला-मंच है, जो मुख्य बद्रीनाथ मंदिर से लगभग 500 meters दूर है। स्कन्द पुराण और विष्णु पुराण के अनुसार, ब्रह्म कपाल वह स्थान है जहाँ भगवान शिव को पितृ कर्म करके ब्रह्महत्या के पाप से मुक्ति मिली थी, यानी ब्राह्मण-वध — विशेष रूप से ब्रह्मा के पाँचवें सिर का छेदन। इसी कारण ब्रह्म कपाल इनके लिए अद्वितीय रूप से शक्तिशाली माना जाता है: ब्रह्महत्या दोष से पितरों की मुक्ति, आत्महत्या या हिंसक मृत्यु से दिवंगत आत्माओं की मुक्ति, पीढ़ीगत पितृ दोष का समाधान, और प्रेत अवस्था में अटकी आत्माओं को मोक्ष देना। शास्त्र कहते हैं कि विशेष प्रकार के पितृ-दोषों के लिए ब्रह्म कपाल पर पिंड दान गया के पिंड दान से आठ गुना पुण्य देता है।
पिंड दान कराना है?
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