पिंड दान आदर्श रूप से कब करना चाहिए?
पिंड दान पूरे वर्ष किया जा सकता है, लेकिन कुछ समय शास्त्रों में अधिक शक्तिशाली माने गए हैं: (1) पितृपक्ष — भाद्रपद कृष्ण पक्ष के 16 दिन (September), जब माना जाता है कि सभी पूर्वज पृथ्वी पर आते हैं, (2) सर्व पितृ अमावस्या / महालया अमावस्या — सभी पूर्वजों के श्राद्ध के लिए एकल रूप से सबसे शुभ दिन, (3) विशिष्ट पूर्वज की मृत्यु तिथि (वार्षिक पुण्यतिथि), (4) अमावस्या के दिन (विशेष रूप से सोमवती, मौनी और महालया), (5) सूर्य और चंद्र ग्रहण, (6) पितृपक्ष की चतुर्दशी — विशेष रूप से अप्राकृतिक मृत्यु वालों के लिए, (7) मृत्यु के 1 year के भीतर — पहली बरसी का संस्कार महत्वपूर्ण माना जाता है। जिन परिवारों में पितृ दोष का निदान हुआ हो या बहुत पुराने अनसुलझे पितृ विषय हों, उनके लिए बड़ा गया पिंड दान करने हेतु कोई भी समय चुना जा सकता है। हमारे पंडित पूर्वज की विशिष्ट परिस्थिति के आधार पर परिवारों को सबसे शुभ तिथि चुनने में सहायता करते हैं।
पिंड दान कराना है?
हमारे अनुभवी पंडित भारत के पवित्र स्थलों पर वीडियो प्रमाण के साथ प्रामाणिक अनुष्ठान कराते हैं।