पिंड दान कैसे करते हैं — सही विधि क्या है?
पिंड दान 10 चरणों में किया जाता है: वेदी निर्माण (दक्षिण दिशा की ओर वेदी तैयारी), रेखा करण (कुशा से सुरक्षा रेखा खींचना), अवनेजन (आधार जल अर्पण), कुशा आस्तरण (घास का आसन), पिंड दान (पितृ तीर्थ से मंत्र Om Adya [Gotra]-gotraya [Name]-sarmanah esa pindate svadha सहित चावल-पिंड अर्पण), प्रत्यवनेजन (पिंड पर जल), सूत्र दान (सफेद धागा), पिंड पूजन (मौन पूजा), जल/दुग्ध धारा (ऋग्वैदिक मंत्र के साथ दूध-जल धारा), और आघ्राण/विसर्जन (सूँघना और विसर्जन)। पूरे समय दक्षिणमुख रहें। Svaha नहीं, Svadha का प्रयोग करें।
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पिंड दान कराना है?
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