रुद्ध विशुद्ध चक्र दैनिक जीवन को कैसे प्रभावित करता है?
रुद्ध विशुद्ध शारीरिक और मनोवैज्ञानिक दोनों रूपों में प्रकट होता है। शारीरिक रूप से यह अक्सर लगातार गले में खराश, thyroid imbalance, गर्दन में तनाव या आवाज़ की समस्याओं के रूप में दिखता है। मनोवैज्ञानिक रूप से व्यक्ति अपनी सच्ची भावनाएँ व्यक्त करने में संघर्ष कर सकता है, सार्वजनिक बोलने से डर सकता है, लगातार गलत समझा हुआ महसूस कर सकता है, या जो वास्तव में सोचता है उसके बजाय वही कहने की आदत बना सकता है जो लोग सुनना चाहते हैं। रचनात्मक रूप से विशुद्ध की रुकावट अक्सर writer block, stage fright, या गाने, पढ़ाने और आवाज़ से जुड़े कला-प्रदर्शन में असमर्थता के रूप में दिखाई देती है।
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