यदि पुत्र न हो तो क्या बेटी पितृपक्ष कर्म कर सकती है?
हाँ। यद्यपि परंपरा सबसे बड़े पुत्र को मुख्य कर्ता मानती है, धर्मशास्त्र पुत्र न होने पर बेटियों, बहुओं, भतीजों या किसी भी निकट पुरुष या महिला संबंधी को कर्म करने की अनुमति भी देते हैं। शास्त्रों के अनुसार सबसे महत्वपूर्ण बात भाव की सच्चाई और उचित संकल्प है, कर्म करने वाले का लिंग नहीं। हमारे पंडित परिवारों को इस प्रक्रिया में नियमित रूप से मार्गदर्शन देते हैं।
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