क्या पितृपक्ष में कुछ गतिविधियों से बचना चाहिए?
पितृपक्ष के दौरान हिंदू परंपरा सलाह देती है: विवाह और अन्य उत्सवों से बचें, मांस, मछली, अंडे और शराब से दूर रहें, नए कपड़े न खरीदें और बड़े ख़रीद निर्णय न लें, संभव हो तो अनावश्यक यात्रा से बचें, और सामान्य रूप से शांत आत्मचिंतन और श्रद्धा का भाव बनाए रखें। ये नियम इस समझ को व्यक्त करते हैं कि पितृपक्ष पितरों को समर्पित समय है, वर्तमान के उत्सवी कार्यों में लगने से पहले भीतर मुड़कर अतीत के प्रति अपने दायित्व निभाने का समय।
क्या यह उपयोगी था?
व्हाट्सऐप पर अगला प्रश्न पूछें