महिलाएँ गया में पिंड दान कर सकती हैं?
हाँ। गया में महिलाओं द्वारा पिंड दान करने का शास्त्रीय उदाहरण स्वयं सीता माता से स्थापित है, जिन्होंने राम की अनुपस्थिति में गया की फल्गु नदी पर महाराजा दशरथ के लिए स्वतंत्र रूप से पिंड दान किया था। जिन परिवारों में पुरुष वंशज नहीं हैं या पुरुष संबंधी उपस्थित नहीं हो सकते, वहाँ महिलाएँ—बहू, बेटी या पत्नी—कर्ता बनकर पूरा कर्म कर सकती हैं। हमारे तीर्थ पुरोहित महिला कर्ता को अनुष्ठान के हर चरण में उसी पूर्णता से मार्गदर्शन देंगे, जैसे पुरुष कर्ता को दिया जाता है।
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पिंड दान कराना है?
हमारे अनुभवी पंडित भारत के पवित्र स्थलों पर वीडियो प्रमाण के साथ प्रामाणिक अनुष्ठान कराते हैं।