विशेष रूप से गया में पिंड दान का क्या महत्व है?
वायु पुराण और गया माहात्म्य सहित हिंदू शास्त्रों में गया को सर्वोच्च पितृतीर्थ—पितृ कर्मों का प्रमुख पवित्र स्थल—बताया गया है। यहाँ विष्णुपद मंदिर में भगवान विष्णु का दिव्य चरणचिह्न प्रतिष्ठित है, और शास्त्र कहते हैं कि गया में किया गया पिंड दान पितृ और मातृ दोनों पक्षों की चौदह पीढ़ियों तक के पूर्वजों को मुक्ति देता है। कहा जाता है कि भगवान राम ने स्वयं अपने पिता राजा दशरथ के लिए गया में पिंड दान किया था, जिससे यह परंपरा संपूर्ण मानवता के लिए स्थापित हुई।
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पिंड दान कराना है?
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