वैदिक ज्योतिष में 9 ग्रह (नवग्रह) कौन-से हैं?
वैदिक ज्योतिष में नवग्रह (नौ खगोलीय प्रभावकर्ता) केवल ग्रह नहीं हैं — इनमें सूर्य, चन्द्रमा और दो गणितीय बिंदु (राहु और केतु) भी शामिल हैं। क्रम से: 1. सूर्य (Sun) — आत्मा (आत्म कारक), अहं, पिता, अधिकार, शासन। राशि: सिंह। 2. चन्द्र (Moon) — मन, भावनाएँ, माता, प्रजनन। राशि: कर्क। 3. मंगल (Mars) — साहस, ऊर्जा, भाई-बहन, संपत्ति, युद्ध। राशियाँ: मेष, वृश्चिक। मांगलिक दोष के लिए उत्तरदायी। 4. बुध (Mercury) — बुद्धि, वाणी, व्यापार, अध्ययन। राशियाँ: मिथुन, कन्या। 5. गुरु/बृहस्पति (Jupiter) — ज्ञान, धर्म, संतान, भाग्य, गुरु। राशियाँ: धनु, मीन। सबसे शुभ ग्रह माना जाता है। 6. शुक्र (Venus) — प्रेम, सौंदर्य, धन, विवाह, कला। राशियाँ: वृषभ, तुला। 7. शनि (Saturn) — कर्म, अनुशासन, कष्ट, आयु, न्याय। राशियाँ: मकर, कुम्भ। साढ़े साती के लिए उत्तरदायी। 8. राहु (North Node) — आसक्ति, भ्रम, विदेश, अपारंपरिक विषय। छाया ग्रह (गणितीय बिंदु)। केतु के साथ संरेखण में काल सर्प दोष के लिए उत्तरदायी। 9. केतु (South Node) — वैराग्य, मोक्ष, पूर्वजन्म कर्म, आध्यात्मिक मुक्ति। छाया ग्रह। ग्रह पीड़ाओं के लिए प्रयागराज या उज्जैन में नवग्रह पूजा बताई जाती है, और यह पितृ दोष तथा काल सर्प दोष का मुख्य उपाय है।