क्या करुमाथि (शुभम) प्रशिक्षित वाध्यार से कराना आवश्यक है?
हाँ, करुमाथि / शुभम 16-day क्रम का सबसे महत्वपूर्ण एकल समारोह माना जाता है और इसे योग्य वाध्यार द्वारा ही कराया जाना चाहिए, जिन्हें विशिष्ट द्रविड़ शाखा मंत्र, सामान्यतः कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय, ज्ञात हों। यह समारोह आत्मा के प्रेत अवस्था से प्रारंभिक पितृ अवस्था में औपचारिक संक्रमण को दर्शाता है, और मंत्रों का शुद्ध उच्चारण आवश्यक है ताकि यह संक्रमण आध्यात्मिक रूप से प्रभावी हो। इस विशेष समारोह को परिवार के सदस्यों द्वारा स्वयं करना सुझाया नहीं जाता। हमारे तमिल-भाषी वाध्यार पूर्ण तैत्तिरीय विधि में प्रशिक्षित हैं और करुमाथि के लिए प्रयागराज, वाराणसी, रामेश्वरम या अन्य पवित्र स्थलों तक जा सकते हैं। अनुरोध पर हम इसे तमिलनाडु, कर्नाटक और अन्य राज्यों में परिवार के घरों पर भी कराते हैं।