तमिल परंपरा में मृत्यु के बाद 16-day अनुष्ठान कौन से हैं?
तमिल परंपरा में 16-day दिन श्राद्धम क्रम में ये कर्म शामिल होते हैं: Day 1-3 — अशौच (अनुष्ठानिक अशुद्धि की अवधि), चावल के पिंडों और जल के मूल अर्पण, Day 4-10 — दैनिक पिंड अर्पण, जिसमें हर पिंड सूक्ष्म शरीर के उस विशिष्ट तत्व का प्रतिनिधित्व करता है जिसे आत्मा को पुनर्निर्मित करना होता है, Day 11 — एकादश (पहला बड़ा समारोह), पितरों का आह्वान, Day 12-13 — द्वादश और त्रयोदश, जल अर्पण और मंत्र जप, Day 13 — करुमाथि / शुभम (वह महत्वपूर्ण समारोह जो आत्मा के भटकते प्रेत से पितृ बनने की दिशा में संक्रमण को दर्शाता है), Day 16 — षोडश (अंतिम 16-day समारोह), तत्काल मृत्यु-पश्चात् चरण का समापन। तमिल परिवार इस पूरी अवधि में अशौच मर्यादाएँ रखते हैं: कोई आगंतुक नहीं, मंदिर दर्शन नहीं, उत्सव भोजन नहीं।