हिन्दू शास्त्रों में स्नान के कौन-कौन से प्रकार बताए गए हैं?
हिन्दू शास्त्र स्नान के आठ मुख्य प्रकार बताते हैं: (1) मंत्र स्नान — कम जल होने पर भी पवित्र मंत्रों के जप से शुद्धि, (2) भौम स्नान — पवित्र स्थल की मिट्टी को जल में मिलाकर स्नान, (3) आग्नेय स्नान — पवित्र भस्म का प्रयोग, (4) वायव्य स्नान — पवित्र वायु या गायों से उठी धूल के माध्यम से शुद्धि, (5) दिव्य स्नान — इंद्रधनुष के समय सूर्यप्रकाश या दिव्य वर्षा से स्नान, (6) वरुण स्नान — घर में किया जाने वाला सामान्य जल-स्नान, (7) वाजस्नान — तुलसी, फूल और पंचगव्य का प्रयोग, और (8) मानस स्नान — ध्यान के माध्यम से मानसिक और आध्यात्मिक स्नान। कुंभ मेले में शाही स्नान, विशिष्ट मुहूर्तों पर पवित्र तीर्थों में किया जाने वाला वरुण स्नान का विशेष रूप है। हर प्रकार का अपना शास्त्रीय उपयोग है।