माघ मेले में श्राद्ध करने का क्या महत्त्व है?
माघ मेला (हिंदू पंचांग के माघ मास में प्रतिवर्ष आयोजित; जनवरी-फरवरी) प्रयागराज में अत्यंत आध्यात्मिक ऊर्जा का काल है। लाखों तीर्थयात्री, साधु और संत यहाँ कल्पवास (एक मास की तपस्या और भक्ति का व्रत) तथा संगम में पवित्र स्नान के लिए एकत्रित होते हैं — विशेषकर पौष पूर्णिमा, मौनी अमावस्या और बसंत पंचमी जैसे शुभ स्नान पर्वों पर।
माघ मेले के दौरान श्राद्ध करना असाधारण रूप से पुण्यदायी माना जाता है। इस काल में सामूहिक सकारात्मक आध्यात्मिक ऊर्जा, अनेक ज्ञानी आत्माओं की उपस्थिति और संगम की बढ़ी हुई पवित्रता मिलकर अनुष्ठानों के लाभ को कई गुना बढ़ा देती हैं — जिससे पितरों को गहन शांति प्राप्त होती है।
श्राद्ध कराना है?
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