मुख्य सामग्री पर जाएँ
All Pind Daan

वेदों के अनुसार पिंड दान के लिए पितृपक्ष सबसे महत्वपूर्ण समय क्यों है?

उत्तर दिया Prakhar Porwal ·

शतपथ ब्राह्मण स्थापित करता है कि घटते चंद्रमा की अवधि (कृष्ण पक्ष) पितृ अर्पणों के लिए सबसे अनुकूल है, क्योंकि माना जाता है कि इस अवधि में पूर्वज पृथ्वी लोक के अधिक निकट होते हैं। पितृपक्ष के सोलह दिन (भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष में पड़ते हैं) इसी वैदिक सिद्धांत का सीधा विस्तार हैं। पितृपक्ष के अंत की अमावस्या (new moon) पिंड दान के लिए सबसे शक्तिशाली एकल दिन मानी जाती है, क्योंकि जीवितों और पितृ लोक के बीच का आवरण चंद्रमा के अंधकार में सबसे पतला माना जाता है।

पिंड दान कराना है?

हमारे अनुभवी पंडित भारत के पवित्र स्थलों पर वीडियो प्रमाण के साथ प्रामाणिक अनुष्ठान कराते हैं।

आपकी बुकिंग

🙏 प्राथमिक शेड्यूलिंग के लिए ₹0 और जोड़ें

अभी तक कोई अनुष्ठान नहीं चुना गया।

पूजा पैकेज देखें →
बुकिंग में मदद चाहिए? व्हाट्सऐप पर चैट करें